भ्रष्टाचार के खिलाफ जन युद्ध छिड़ चुका है. अन्ना हजारे जी ने इसे "आज़ादी की दूसरी लड़ाई" कहा है और आज से उनका आमरण अनशन जंतर मंतर में शुरू हो चुका है. INDIA AGAINST CORRUPTION के बैनर तले कई प्रसिद्ध समाज सेवक एकत्रित हुए हैं , जिनमे योगगुरु बाबा स्वामी रामदेव, श्री श्री रविशंकर, स्वामी अग्निवेश, अन्ना हजारे, किरण बेदी, RTI के प्रणेता अरविन्द केजरीवाल, सीबीआई के सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक बी.आर.लाल, जस्टिस संतोष हेगड़े, जे.ऍम.लिंगदोह समेत कई और समाजसेवी शामिल हैं.ये लोग केवल सरकार को कोस नहीं रहे हैं , अपितु भ्रष्टाचार को दूर करने के उपाय भी दे रहे हैं. इनके द्वारा सुझाया गया जन लोकपाल बिल भ्रष्टाचार की जांच करने वाले तंत्र में आमूल चूल परिवर्तन की बात कहता है. जन लोकपाल बिल जनता के लिए जनता द्वारा बनाया गया बिल है.इसी बिल को हकीकत में बदलने के लिए अन्ना जी आज से अनशन में बैठे हैं.
सरकार द्वारा बनाया गया लोकपाल बिल छलावा है, ये आपको जन लोकपाल बिल को पढने के बाद पता लग जायेगा. कोई भी राजनीतिक दल इस बिल को लाने की इच्छाशक्ति नहीं रखता है, ये भी जगजाहिर है. परन्तु महाराष्ट्र में दो वर्ष पूर्व ही सूचना का अधिकार कानून लाने को सरकार को मजबूर करने वाले अन्ना हजारे (२००३ में,जबकि देश में २००५ में लागू हुआ), योग गुरु स्वामी रामदेव , किरण बेदी, अग्निवेश जी आदि को उम्मीद ही नहीं पूर्ण विश्वाश है की वे इस बिल को कानून बना कर रहेंगे तथा उसके बाद भ्रष्टाचारियों के लिए कड़ी सजा के लिए भी कानून लायेंगे.

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